इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने जारी किया नया मेरिट फॉर्मूला: अब जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट के बिना भी मिलेगा प्रवेश, जानिए पूरा नियम
इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक (UG) प्रवेश के लिए मेरिट तैयार करने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि अब जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट (GAT) नहीं देने वाले अभ्यर्थी भी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। हालांकि, ऐसे छात्रों को GAT वाले हिस्से में शून्य (0) अंक दिए जाएंगे और उसी आधार पर उनकी अंतिम मेरिट तैयार होगी। New Merit Formula 2026
क्या है नया मेरिट फॉर्मूला?
विश्वविद्यालय के अनुसार, अंतिम मेरिट तीन हिस्सों के अंकों को जोड़कर तैयार की जाएगी—
- भाषा (Language Test)
- डोमेन विषय (Domain Subject)
- जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट (GAT)
यदि किसी अभ्यर्थी ने GAT नहीं दिया है, तब भी वह प्रवेश के लिए पात्र रहेगा, लेकिन GAT में उसके 0 अंक जोड़े जाएंगे।
भाषा और डोमेन विषय के अंक कैसे जुड़ेंगे?
भाषा अनुभाग में हिंदी या अंग्रेज़ी, जिस विषय में अधिक अंक होंगे, वही मेरिट में शामिल किए जाएंगे।
डोमेन विषयों में भी सबसे अधिक अंक वाले विषय को मेरिट में जोड़ा जाएगा।
इसके बाद GAT के अंक (या अनुपस्थित होने पर 0 अंक) जोड़कर अंतिम मेरिट तैयार होगी।
डोमेन विषयों की संख्या बढ़ी
इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने इस वर्ष डोमेन विषयों की संख्या 18 से बढ़ाकर 23 कर दी है। अभ्यर्थियों को निर्धारित डोमेन विषयों में से संबंधित विषय का चयन करना होगा
इनमें प्रमुख विषय शामिल हैं—
- अकाउंटेंसी
- अर्थशास्त्र
- व्यवसाय अध्ययन
- कंप्यूटर साइंस
- गणित
- भौतिकी
- रसायन विज्ञान
- जीवविज्ञान
- इतिहास
- भूगोल
- राजनीति विज्ञान
- मनोविज्ञान
- समाजशास्त्र
- कृषि
- पर्यावरण अध्ययन
- मानवशास्त्र
- जनसंचार आदि।
छात्रों पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
नए नियम से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी जिन्होंने CUET में जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट नहीं दिया था। अब वे भी प्रवेश प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। हालांकि, GAT में शून्य अंक मिलने के कारण उनकी मेरिट उन छात्रों की तुलना में कम हो सकती है जिन्होंने GAT देकर अच्छे अंक प्राप्त किए हैं।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
यदि आपने GAT नहीं दिया है, तब भी प्रवेश प्रक्रिया में आवेदन अवश्य करें।
मेरिट सूची जारी होने तक विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित अपडेट देखते रहें।
दस्तावेज़ों और काउंसलिंग की तैयारी पहले से पूरी रखें।
निष्कर्ष
इलाहाबाद विश्वविद्यालय का यह नया मेरिट फॉर्मूला अधिक छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर देता है। हालांकि, बेहतर रैंक पाने के लिए भाषा, डोमेन विषय और GAT तीनों में अच्छे अंक अभी भी महत्वपूर्ण रहेंगे। इसलिए अभ्यर्थियों को अपनी मेरिट की संभावना को समझते हुए आगे की प्रवेश प्रक्रिया पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
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